अमेरिका के संघीय संचार आयोग ने चीन की हुआवे और जेडटीई पर लगाया बैन

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Updated Wed, 01 Jul 2020 06:32 AM IST

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अमेरिका के संघीय संचार आयोग (एफसीसी) ने अमेरिकी संचार नेटवर्क को सुरक्षित करने के अपने प्रयासों के तहत चीनी कंपनी हुआवे और जेडटीई के उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। यह कार्रवाई एफसीसी के पब्लिक सेफ्टी एंड होमलैंड सिक्योरिटी ब्यूरो की तरफ से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे के तहत की गई है। इन दोनों कंपनियों के साथ-साथ इनकी मूल कंपनियों, संबंद्ध कंपनियों और सहायक कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया।

इस प्रतिबंध के बाद अब इन कंपनियों से किसी भी तरह के उपकरण या सेवाओं की खरीद नहीं की जा सकेगी। हालांकि दोनों कंपनियां इसके खिलाफ यूनाइटेड स्टेट्स कोर्ट ऑफ अपील में गुहार लगा सकती हैं। एफसीसी के चेयरमैन अजीत पाई ने कहा, पुख्ता सबूतों के आधार पर दिए गए आज के आदेशों में ब्यूरो ने हुआवे और जेडटीई को अमेरिकी संचार नेटवर्क और हमारे 5जी सेवाओं के भविष्य के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे के तौर पर चिह्नित किया है। 

दोनों कंपनियों के चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और चीनी सैन्य हथियार समूह से करीबी संबंध हैं और दोनों कंपनियां चीनी कानून के तहत अपने देश की खुफिया सेवा की मदद करने के लिए बाध्य हैं। इसके चलते इन कंपनियों के जरिये हम चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को अपने नेटवर्क को संवेदनशील बनाने और नुकसान पहुंचाने का मौका नहीं दे सकते।

 

अमेरिका के संघीय संचार आयोग (एफसीसी) ने अमेरिकी संचार नेटवर्क को सुरक्षित करने के अपने प्रयासों के तहत चीनी कंपनी हुआवे और जेडटीई के उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। यह कार्रवाई एफसीसी के पब्लिक सेफ्टी एंड होमलैंड सिक्योरिटी ब्यूरो की तरफ से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे के तहत की गई है। इन दोनों कंपनियों के साथ-साथ इनकी मूल कंपनियों, संबंद्ध कंपनियों और सहायक कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया।

इस प्रतिबंध के बाद अब इन कंपनियों से किसी भी तरह के उपकरण या सेवाओं की खरीद नहीं की जा सकेगी। हालांकि दोनों कंपनियां इसके खिलाफ यूनाइटेड स्टेट्स कोर्ट ऑफ अपील में गुहार लगा सकती हैं। एफसीसी के चेयरमैन अजीत पाई ने कहा, पुख्ता सबूतों के आधार पर दिए गए आज के आदेशों में ब्यूरो ने हुआवे और जेडटीई को अमेरिकी संचार नेटवर्क और हमारे 5जी सेवाओं के भविष्य के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे के तौर पर चिह्नित किया है। 

दोनों कंपनियों के चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और चीनी सैन्य हथियार समूह से करीबी संबंध हैं और दोनों कंपनियां चीनी कानून के तहत अपने देश की खुफिया सेवा की मदद करने के लिए बाध्य हैं। इसके चलते इन कंपनियों के जरिये हम चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को अपने नेटवर्क को संवेदनशील बनाने और नुकसान पहुंचाने का मौका नहीं दे सकते।

 

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