Chile hospital invites in COVID patient families to say goodbye| चिली का ये अस्पताल कोरोना मरीजों को दे रहा ये अनोखी सौगात

सैनटियागो: कोरोना ने दुनिया के 5 लाख से भी ज्यादा लोगों की जान ली है. यह बीमारी इतनी क्रूर है कि कितने ही मरने वालों के आखिरी समय पर उनके अपने भी साथ नहीं थे. हालांकि कई ऐसे भी थे जो कंप्यूटर टैबलेट या फोन के जरिए डिजिटल तौर पर अपने परिवार को अलविदा कहने में कामयाब रहे. सैनटियागो के एक अस्पताल ने इस कठिन समय में मानवता की एक मिसाल पेश की है.

ये अस्पताल मरीजों और उनके परिवारवालों को आखिरी मुलाकात का एक मौका दे रहा है. सैनटियागो में चिली के क्लीनिकल ​​अस्पताल यूनिवर्सिटी के चिकित्सकों ने मरीजों के आखिरी समय में उनके परिवारवालों को मिलने की इजाजत दे देने का फैसला किया है, जिससे वे अपने अपनों को अंतिम विदाई दे सकें. 

सील किए गए कांच के कमरे जिनमें COVID-19 मरीजों को रखा जाता है, वहां जाने से पहले परिवार के सदस्यों की कोरोना वायरस जांच की जाती है और उन्हें वही सुरक्षात्मक उपकरण दिए जाते हैं जो डॉक्टर इस्तेमाल करते हैं. अभी तक अस्पताल के आईसीयू में कर्मचारियों के बीच किसी भी तरह के संक्रमण की बात सामने नहीं आई है. अस्पताल की ICU विभाग के प्रमुख कार्लोस रोमेरो का कहना है, “हमने हमेशा न केवल मरीजों की, बल्कि उनके परिवारों की भी वकालत की है, और हमारी यही कोशिश रही है कि मरीजों के साथ उनके अपनों की उपस्थिति बनी रहे.”

लेटिन अमेरिका अब महामारी का केंद्र है और चिली इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में से एक है, जहां हर रोज कई हज़ार नए मामले सामने आ रहे हैं और करीब 5,000 लोगों की मौत हो चुकी है. डॉ. रोमेरो के अस्पताल में सैंटियागो के सबसे ज्यादा केस हैं और यहां मृत्यु दर भी सबसे ज्यादा है. उन्होंने रॉटर्स को बताया कि रोजाना दोपहर में, वे रोगियों के परिवारों को अपडेट देने के लिए फोन करते हैं.

उन्होंने कहा कि- ‘हम उन्हें ये बताना चाहते हैं कि हमने मरीज को बचाने के लिए सब कुछ किया और अगर हम उन्हें बचाने में सफल नहीं हुए तो उनके अंतिम समय में भी हम उनके साथ हैं. हम इस बात का ध्यान रखते हैं कि उस वक्त वो शांत रहें, दर्द में न रहें, उनके परिवार को उनके बारे में पता हो और अगर संभव हो तो परिवार वाले उनके साथ कुछ समय बिता सकें, भले ही वो एक पल ही क्यों न हो.’

ऐसा ही एक मामला आया था, जब डॉक्टरों ने 76 साल के डॉन जैमे को कोरोना वायरस महामारी से बचाने के लिए हफ्तों तक संघर्ष किया था. लेकिन पिछले हफ्ते उन्हें महसूस हुआ कि वो ये लड़ाई जीत नहीं पाएंगे, और इसलिए उन्होंने उनके परिवार को उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए अस्पताल बुलाया. और डॉन जैमे अपने आखिरी वक्त में अपने परिवार से मिलकर सुकून से विदा हो सके. 



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